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एलओसी पर पाकिस्तान की गोलीबारी के पीछे कहीं चीन तो नहीं?

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ने के पीछे कहीं चीन का तो हाथ तो नहीं है। यह सवाल इसलिए उठना लाजिमी है क्योंकि चीन ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 में बदलाव चीन और पाकिस्तान दोनों की संप्रुभता को चुनौती है। भारत-पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान की ओर से लगातार किये जा रहे संघर्ष विराम उल्लंघन का ​जवाब रविवार को भी भारतीय सेना पुंछ और बारामुला के पार गाइडेड हथियारों से दे रही है जिससे कई चौकियों को नुकसान पहुंचा है और पाकिस्तान के चार सैनिक मारे गए हैं। 
 
दरअसल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित चीनी दूतावास के प्रेस अफसर वांग जियाफेंग (@wangxianfeng8) ने 11 जून को ट्वीट करके भारत पर आरोप लगाया है कि ‘कश्मीर की स्थिति एकतरफा बदल कर भारत ने चीन और पाकिस्तान की संप्रुभता को चुनौती दी है, चीन-भारत रिश्तों को पेचीदा बना दिया है।’ उन्होंने अपने ट्वीट के साथ चाइना इंस्टीट्यूट्स ऑफ कंटेपोरेरी इंटरनेशनल रिलेशंस (सीआईसीआईआर) के उप निदेशक वांग शिदा का एक लेख भी अटैच किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि पिछले साल अनुच्छेद 370 को ख़त्म किए जाने के बाद जब पहली बार विदेश मंत्री एस. जयशंकर बीजिंग गए थे, उस समय चीनी अधिकारियों ने बहुत ही कड़े शब्दों में यह मुद्दा उठाया था। यह संस्था चीन की थिंक-टैंक है और सीधे तौर पर आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय से जुड़ी है।हालांकि विवाद बढ़ने पर इस्लामाबाद स्थित चीनी दूतावास के प्रेस अफसर वांग जियाफेंग ने बाद में यह ट्वीट डिलीट कर दिया है।    
 
रविवार को भी पुंछ, राजौरी और बारामूला में नियंत्रण रेखा के कई सेक्टर में सीमा पार से भारी गोलाबारी की जा रही है। दोनों सेनाओं द्वारा भारी हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पाकिस्तान की ओर से रविवार सुबह पुंछ जिले के किरनी तथा शाहपुर सेक्टर की नियत्रंण रेखा पर बिना किसी उकसावे के गोलाबारी शुरू की गई। इस दौरान पाकिस्तान ने नियत्रंण रेखा पर स्थित भारतीय चौकियों तथा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए भारी गोलीबारी की तथा मोर्टार शेल दागे। इस गोलीबारी की चपेट में आने से एक जवान शहीद हो गया, जबकि दो अन्य जवान घायल हो गए। घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।  
 
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ने की बात भारतीय सेना ने भी स्वीकार की है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किये जाने के बाद संघर्ष विराम उल्लंघन के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। तब से लगातार सीमा पार से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में वृद्धि हुई है। 2020 में पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन का आंकड़ा आश्चर्यजनक है। पिछले 6 महीने से भी कम समय में 2000 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है।

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