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हमीरपुर। राठ कोतवाली क्षेत्र में लाखों रुपये के कर्ज में डूबे एक किसान ने रविवार को जहर खा लिया। परिजनों ने उसे आनन फानन इलाज के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों के अभाव में उसकी मौत हो गयी। इस घटना से परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा और आरोप लगाते कहा कि डेढ़ घंटे तक किसान तड़पता रहा लेकिन कोई भी डाक्टर इलाज करने नहीं आया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा। 
राठ कोतवाली क्षेत्र के बिगवां गांव निवासी कुँवरलाल (52) पुत्र छोटेलाल अहिरवार ने जहरीला पदार्थ खा लिया। पड़ोसियों से सूचना मिलने पर परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राठ में भर्ती कराया। बड़े भाई जयपाल ने बताया कि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। एक कर्मचारी द्वारा बोतल चढ़ा कर आगे उपचार से हाथ खड़े कर दिया। परिजनों द्वारा पूंछने पर हर बार डॉक्टर के आने की बात कहकर तसल्ली दी गयी। बताया कि स्टाफ द्वारा बाहर से दवा भी मंगा ली गयी पर उपचार नहीं किया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद जब किसान ने दम तोड़ दिया, तब स्टाफ कर्मचारी ने परिजनों को रेफर लेटर बना कर थमा दिया। परिजनों के हंगामा की सूचना पर तीन घंटे बाद अस्पताल पहुंचे सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरके कटियार ने डाक्टरों के न होने की बात कहते हुए उन्हें डांट दिया। 
अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल के चार डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगाई गई है, जिस वजह से उपचार हेतु डॉक्टर मौजूद नहीं है। मृतक पर दो साल पहले पुत्री साधना एवं एक साल पहले पुत्र रामनाथ की शादी में करीब ढाई लाख रुपए का कर्ज हो गया था। वहीं कृषि कार्य के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 90 हजार रुपये का कर्ज ले रखा था। कर्ज चुकता न होने पर उसने जहरीला पदार्थ खाया था।

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