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डीजीपी साहब आपके इस थानेदार को जप्त नई गाड़ी से नही छुट रहा मोह, गाड़ी छोड़ने को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों की कर दी अवमानना

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कहा- दूसरी गाड़ी जप्त होने तक नहीं छोड़ेंगे, जहां जाना हो जाओ

सागर सूरज

मोतिहारी: रघुनाथपुर पुलिस एक बार फिर गलत कारणों से सुर्खियों मे आ गयी है। प्रभावशाली लोगों के दबाब मे आकर कथित रूप से कमजोर लोगों के प्राथमिकी दर्ज नहीं करना, जैसे आरोपों को झेलती इस  थाने के प्रभारी संदीप कुमार पर आरोप है कि ये उच्च न्यायालय तथा जिलाधिकारी के आदेशों को भी नहीं मानते। ठसक इतनी है कि उच्च न्यायालय के दो-दो आदेश जारी होने के बाद भी जब्त एक स्कोर्पिओ को छोड़ने से थाना प्रभारी सीधे इंकार कर देते है, वही पीड़ित पक्ष को धमकी भी देते है कि जहां जाना हो जाए, गाड़ी तभी छोड़ेंगे जब उनके घूमने के लिए दूसरी गाड़ी उनके द्वारा जब्त कर ली जाएगी।

        मामला ज़िलाधिकारी रमन कुमार के आदेशों को भी न मानने का है। जिलाधिकारी रमन कुमार के न्यायालय के वाद संख्या 299/19 से जुड़ा हुआ है। मामले मे जिलाधिकारी ने अपने पत्रांक 5160 दिनांक 16 दिसम्बर, 2019 को अपने आदेश की प्रति भेजते हुये थानाध्यक्ष तुरकौलिया को आदेश दिया कि जप्त स्कॉर्पियो को मझौलीया थाने के करमवा निवासी जनार्दन प्रसाद को उक्त जप्त स्कॉर्पियो को सौंप दे। बता दे कि रघुनाथपुर एक आउट पोस्ट है, जो तुरकौलिया थाने के अंतर्गत आता है। ज़िला मुख्यालय से सटे होने के कारण एवं रघुनाथपुर इलाके मे अपराध चरम पर होने के कारण यह ओपी खासे महत्व रखता है।

      हालांकि मामले मे पूछे जाने पर प्रभारी एसपी शैशव यादव ने कहा कि अगर आरोप सही है तो पीड़ित पक्ष को जल्द गाड़ी दिलवा दी जाएगी, साथ ही ओपी प्रभारी के तरफ से जानबूझ कर गलती की गयी है तो  मामले को जांच कर कारवाई भी की जाएगी।

       मामले मे उच्च न्यायालय ने दिनांक 26 जून, 2019 को एक आदेश जारी करते हुये संबन्धित थाना प्रभारी को उक्त गाड़ी को 14 दिन के भीतर गाड़ी मालिक दीपक कुमार, पिता जनार्दन प्रसाद को गाड़ी सौंपने का आदेश दिया। पुलिस ने दिनांक 12 जनवरी 2019 को उजले रंग की इस स्कॉर्पियो को यह कहते हुये जप्त कर लिया की गाड़ी के पीछे शराब की चार पीस सील बंद बोतल रखा हुआ था। मामले मे उपेंद्र शर्मा, नीरज कुमार, रंजीत राम, सुभम कुमार, दीपक कुमार एवं चन्दन राम को नामजद अभियुक्त भी बनाया गया ।

        बताया गया कि बाद मे दिनांक 2 मई, 2019 को दीपक की गोली मारकर हत्या, अज्ञात अपराधियों द्वारा रघुनाथपुर थाना क्षेत्र मे ही बालगंगा मुर्दाघट्टी के पास कर दी गयी। मामले मे दिनांक 24, अक्टूबर, 2019 को दीपक के पिता पुनः उच्च न्यायालय से उक्त गाड़ी को खुद को सौपने का आदेश लेकर आए। उसी आधार पर जिलाधिकारी ने भी 11 दिसम्बर, 2019 को आदेश दिया कि गाड़ी को जनार्दन प्रसाद को सौपा जाए, लेकिन प्रत्येक बार थाना प्रभारी संदीप कुमार बहानेबाजी करते रहे एवं आरोप है कि उक्त गाड़ी का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत कार्यों मे भी करते रहे है। उनके द्वारा उक्त गाड़ी को खुलेयाम खुद के लिए इस्तेमाल करते एक विडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

        सनद रहे कि रघुनाथपुर शराब एवं अपराध के लिए हमेशा से ही सुर्खियों मे रहा है। आरोप है कि बिना वरीय अधिकारियों के आदेश के प्राथमिकी भी दर्ज नहीं करते। पूछे जाने पर ओपी अध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि मुझे इस मामले मे कुछ नहीं कहना, जो मर्जी छाप दीजिये।   

    

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