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थमने का नाम नही ले रहा एइएस का प्रकोप, प्रभावित गांवों में चिकित्सको का हो रहा दौरा

चकिया ,पूर्वी चम्पारण। एइएस रोग महामारी का रूप लेता जा रहा है। संदिग्ध एक मरीज को रविवार के अहले सुबह इलाज के लिए परिजनों द्वारा रेफरल अस्पताल लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए श्री कृष्ण सिंह मेडिकल कॉलेज मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया। रेफर की गयी आक्रांत बच्ची की पहचान चकिया थाना क्षेत्र के गांव जितौरा गोपालपुर निवासी बुधन माझी की 2 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी के रूप में बतायी गयी है। प्राथमिक उपचार करने वाले चिकित्सक की टीम में शामिल डॉ रामशंकर गुप्ता, डॉ राजीव रंजन, डॉ सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि बच्ची मे चमकी रोग के सभी लक्षण था जो मेडिकल कॉलेज मे जांच से पुरी तरह से स्पष्ट होगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर आर एस गुप्ता नेतृत्व में एक टीम उपरोक्त प्रभावित गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान पाया कि प्रभावित परिवार के सदस्य लीची तोड़ने का काम करते हैं। इस कारण बच्चे लीची खाने से बीमार हुये थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बचाव के लिए भोजन व शारीरिक तथा वस्त्र की सफाई के साथ-साथ घर के आस पास मे भी साफ-सफाई रखने, बच्चों को तेज धूप से बचाने, मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी लगाने, संक्रमित फल या सब्जी नहीं खिलाने, अच्छी तरह से पका हुआ सुपाच्य भोजन के साथ-साथ रात्रि में मीठा भोजन अवश्य खिलाने, पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पिलाने। वहीं बीमारी का लक्षण दिखते प्रभावित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराने सहित अन्य जानकारी दी। निरीक्षण टीम मे स्वस्थ प्रबंधक विकास कुमार बीसीएम राजेश्वर यादव, आशा फैसिलेटिटर आशा देवी, आशा कार्यकर्त्ता सीमा देवी आदि शामिल थे। मौके पर वार्ड सदस्य सहित ग्रामीण मौजूद थे। बताते चलें की इस गांव मे चमकी रोग से एक ही परिवार के दो बच्ची की मौत हो चुका है।

वहीं मेहसी संवाददाता के अनुसार, जापानी इंसेफेलाइटिस मस्तिष्क ज्वर या चिमकि बोखार के कहर में लगातार इजाफा हो रहा है। आज फिर एक नया मरीज मुस्कान कुमारी-3 वर्ष नारायन सहनी ग्राम मिठनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आया जिसे जापानी इंसेफेलाइटिस का मरीज के रूप चिन्हित किया गया। जिसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में ही बीमारी पर काबू पा लिया गया। अब तक मेहसी पीएचसी के पंजीयन के अनुसार कुल 15 बच्चें इस बीमारी की चपेट में है। वही अन्य जगहों इलाजरत करीब 25 बच्चे बताया जाता है। वही आज जापानी इंसेफेलाइटिस ,मस्तिष्क ज्वर या चिमकि बोखार से बचाव के लिए
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की ओर से विशेष जागरूकता रथ हरपुर, परतापुर, ओझिलपुर, नगर पंचायत मेहसी, कोठियां हरिराम सहित अन्य प्रभावित पंचायतों में भ्रमण कर लोगों को उक्त बीमारी से बचाव के उपाय और सावधानियां बाताया जा रहा है। रथ का नेतृत्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी शिवभूषण कुमार, धर्मेंद्र कुमार, तथा राजीव कुमार के द्वारा किया जा रहा है। वही सामाजिक कार्यकर्ता अमर का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में डी डी टी व अन्य दवाइयों का छिड़काव तत्काल करने की जरूत है।

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