भुइयां महाराज व संवरी माता को याद नहीं करने पर भगवान राम का इतिहास अधूरा रह जायेगा – प्रमोद

-पीपराकोठी के झखरा बलुआ में हुआ महोत्सव

पीपराकोठी,पूर्वी चम्पारण। भुइयां महाराज व संवरी माता को याद नहीं करने पर भगवान राम का इतिहास अधूरा रह जायेगा। इनके अतीत को उजागर करने का काम कला व सांस्कृतिक मंत्रालय कर रहा है।उक्त बातें बिहार सरकार के कला, संस्कृति, युवा विभाग मंत्री प्रमोद कुमार ने प्रखंड क्षेत्र के झखरा बलुआ में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित भुइयां महाराज व सबरी माता महोत्सव में अपने संबोधन में कहीं। इसके पहले उन्होंने ने अनुसूचित जाति व जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, एसडीओ प्रियरंजन राजू व बीडीओ सुनिता कुमारी के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। सभी अतिथियों को माला पहना व अंगवस्त्र दे कर स्वागत किया गया। आगे मंत्री श्री कुमार ने कहा की अब अयोध्या में भगवान राम की मंदिर बनने जा रहा है। तो ऐसे में भुइयां महाराज व सबरी माता का महत्व बढ़ जाता हैं। उन्होंने सीएए और एनआरसी पर विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने जिन्हें नकार दिया है। वे देश में अशांति फैलाने में लगे हैं। केंद्र सरकार तीन तलाक, धारा 370, राममंदिर, एनसीआर आदि जैसे अधूरे कार्य को पूरा कर भारत के संस्कृति को उपर उठाने कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बिहार की भूमि ऐतिहासिक रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान पर आजादी के लड़ाई के तरह छः करोड़ लोगों ने जल,जीवन व हरियाली के पक्ष में मानव श्रृंखला बनाई। जिसका अनुसरण देश दुनिया कर रहा हैं। आजादी के बाद इस सीधेसादे समाज को सम्मान देने का कार्य आजतक किसी ने नहीं किया। लेकिन आज बिहार सरकार ने इस महोत्सव के माध्यम से मुसहर समाज को सम्मान देने का काम किया है। जिसे प्रत्येक वर्ष धूमधाम से मनाया जाएगा। वही बिहार सरकार अनुसूचित जाति व जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव ने कहा कि माता संवरी व भुइयां महाराज का महोत्सव का आयोज कर मांझी संस्कृति को अलौकिक किया गया है। यह समाज हीन दृष्टि से देखा जाता है। जबकि भगवान राम व लक्ष्मण माता संवरी से जूठा बेर खाकर तरण किया था। वहीं भुइयां महाराज ने ही संजीविनी बूटी से लक्ष्मण को जीवन दिया। पहली बार भुईयां महाराज व सबरी माता को कलेंडर में शामिल कर मुसहर समाज के मान को बढ़ाया हैं। एनडीए सरकार के पहले किसी ने भी इस समाज के कला व संस्कृति को दिखाने का कार्य नही किया। आज बिहार ने इतिहास कायम किया है। नीतीश सरकार में इस समाज का विकास हुआ। मंत्री श्री ऋषिदेव कहा कि भाजपा-जदयू सरकार में 40 हजार टोलासेवक व 10 हजार विकास मित्र की बहाली कर इस समाज का नई धारा में लाया गया। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि पूर्व की सरकार में लाठी हथियार की लड़ाई होती थी। परंतु इस सरकार में अब कलम की लड़ाई होती है। सभी तबके के बच्चों के नजदीक शिक्षा की गंगा अविरल पहुंच रही है। वही कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध लोक, सुगम, शास्त्रीय एवं भाव संगीत गायिका वंदना शुक्ला की गायकी व सबरी व राम मिलाप संवाद झांकी ने लोगों को मग्धमुध कर दिया। तथा स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मौके पर एसडीओ प्रियरंजन राजू, बीडीओ सुनीता कुमारी, मुखिया संतोष कुमार शर्मा, रविंद्र सहनी, पंसस योगी मांझी, मुसर विकास मंच के अध्यक्ष लालू मांझी, रामजन्म मांझी, पुजेश कुमार श्रीवास्तव, पीएसी प्रभारी रामाशंकर गुप्ता, कामेश्वर चौरसिया, लव किशोर निषाद, पूनम शर्मा, प्रभावती देवी, अनीता देवी, सिंहासनी देवी, वीरेंद्र मांझी, बबीता देवी, श्यामलाल मांझी, फागुनी मांझी, राजेंद्र मांझी, जयनंदन मांझी, सुरेश मांझी व दशरथ मांझी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।