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Home State Bihar संयुक्त श्रमायुक्त ने किया मोतिहारी श्रम अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण

संयुक्त श्रमायुक्त ने किया मोतिहारी श्रम अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण

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मोतिहारी। संयुक्त श्रमायुक्त, बिहार अरविन्द कुमार के द्वारा मोतिहारी भ्रमण के क्रम में श्रम अधीक्षक कार्यालय पूर्वी चंपारण का निरीक्षण किया गया तथा संयुक्त श्रम भवन, आईटीआई परिसर मोतिहारी स्थित श्रम अधीक्षक के कार्यालय कक्ष में श्रम अधीक्षक एवम् सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की गई ।
संयुक्त श्रमायुक्त के द्वारा श्रम अधीक्षक एवम् सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को 10 लाख रुपए से अधिक की लागत से निर्मित/निर्माणाधीन भवनों का अभियान चलाकर नियमानुसार 1% सेस की राशि वसूलने का निर्देश दिया गया तथा सेस जमा नहीं करनेवाले लोगों पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया । साथ ही श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी सरकारी कार्य विभागों में जहां सेस की राशि ठेकेदारों से जमा कर अपने खाते में सेस की राशि रखी गई है उनसे पत्राचार कर एवम् व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर यथाशीघ्र सेस की राशि को बोर्ड मुख्यालय के खाता में जमा कराएं खासकर सभी नगर परिषद एवम् नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा जो मकान का नक्शा पास करने के क्रम में 1% सेस की राशि जमा की जाती है उसे मासिक रूप से बोर्ड मुख्यालय के खाते में निश्चित रूप से जमा करवाएं तथा अब तक उनके पास जमा सेस की राशि को एक सप्ताह के अंदर बोर्ड मुख्यालय के खाते में जमा करवाएं।
संयुक्त श्रमायुक्त के द्वारा सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को पूर्वी चंपारण जिले में चल रहे सभी निर्माण स्थलों का भ्रमण कर वहां कार्यरत सभी निर्माण श्रमिकों का कैंप मोड में निबंधन कराने का निर्देश दिया गया ताकि जिले का कोई भी निर्माण श्रमिक बिहार भवन एवम् अन्य सनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत निबंधन होने से वंचित नहीं रहे। श्रम अधीक्षक को इस संबंध में सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों के कार्यों का पाक्षिक समीक्षा कर प्रगति प्रतिवेदन बोर्ड मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
संयुक्त श्रमायुक्त के द्वारा जिले में बोर्ड के अन्तर्गत निर्माण श्रमिकों के निबंधन की प्रगति को संतोषप्रद पाया गया किंतु बोर्ड के अन्तर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहने के कारण असंतोष व्यक्त किया गया तथा सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे हर पंचायत एवं गांव का भ्रमण कर स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवम् श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के माध्यम से इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करें तथा बोर्ड के अन्तर्गत संचालित सभी योजनाओं से लोगों को अवगत कराएं तथा सभी योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की संख्या मार्च 2021 तक बढ़ाएं। संयुक्त श्रमायुक्त ने श्रम अधीक्षक को सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को प्रखंडवार विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आवेदन प्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया।
संयुक्त श्रमायुक्त के द्वारा बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवम् शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना की समीक्षा की गई। श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि इस योजनान्तर्गत जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक 47 आवेदनों को स्वीकृत कर भुगतान हेतु मुख्यालय प्रेषित किया जा चुका है। संयुक्त श्रमायुक्त के द्वारा सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को प्रति पंचायत कम से कम एक आवेदन इस योजनान्तर्गत आवेदन प्राप्त करने का लक्ष्य दिया गया।
बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के अन्तर्गत के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक 3 आवेदन स्वीकृत कर आवंटन हेतु मुख्यालय प्रेषित किए गए हैं । संयुक्त श्रमायुक्त के द्वारा सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा ऐसे लाभुकों को चिन्हित कर उनका आवेदन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया ।
घरेलू कामगार निबंधन योजना अन्तर्गत श्रम अधीक्षक एवम् सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को नगर क्षेत्रों में विशेषकर प्रचार प्रसार कर घरेलू कामगारों का निबंधन बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक धावा दल के द्वारा कुल 35 बाल/किशोर श्रमिकों को विमुक्त कराया गया है तथा उनके सभी नियोजकों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सभी नियोजकों से प्रति बाल श्रमिक 20000 रुपया की वसूली की प्रक्रिया चल रही है जिसमें 3 बाल श्रमिकों हेतु 60000 रुपया कि वसूली कर उसे नियमानुसार जिला पदाधिकारी के पदनाम से संचालित जिला बाल श्रमिक पुनर्वास में जमा करवा दिया गया है। संयुक्त श्रमायुक्त के द्वारा निर्देश दिया गया कि धावा दल का नियमित रूप से संचालन कर बाल श्रमिकों को नियोजित करने वाले सभी नियोजकों पर कठोर कानूनी कारवाई करें तथा बाल श्रमिकों को विमुक्त कराकर उनका शैक्षणिक पुनर्वास कराकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़े तथा उनके परिवार को विभिन्न विभागों से समन्वय कर सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित कराएं ताकि उनके बच्चे पुनः ऐसी परिस्थिति में नहीं जाएं ।
निरीक्षण के क्रम में संयुक्त श्रमायुक्त के द्वारा सरकारी आईटीआई तथा बिहार कौशल विकास मिशन के तहत संचालित छोटा बरियारपुर स्थित KYP सेंटर का भी निरीक्षण किया गया तथा स्थिति संतोषप्रद पाई गई।

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