शिक्षा विभाग (भाग 1):  भ्रष्टाचार के छींटे बीजेपी के एक मंत्री पर भी, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक बने लूट का सूत्रधार...  

 

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सागर सूरज (मोतिहारी): शिक्षा विभाग में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा विभाग को भेजे एक पत्र के बाद एक लिपिक ब्रोदर्स, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के साथ-साथ बिहार सरकार के एक मंत्री के भ्रष्टाचार की गंगोत्री में हांथ धोने की गंदी कहानी अब परत-दर परत खुलने लगी है।

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पत्र पर अगर भरोसा करे तो क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक,तिरहुत प्रमंडल की मिली भगत से मोतिहारी में पदस्थापित एक लिपिक के सहयोग से जिले के शिक्षा विभाग में खूब लूट मची रही।

हालांकि, जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा किये गए इस उद्भेदन को लेकर जहां विभाग के द्वारा पदाधिकारी को सम्मानित करना चाहिय थी, वही विभाग ने लिपिक के साथ- साथ उक्त पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश दे चुकी है।

लाजमी है सवाल उठाना तय है, क्योंकि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बिहार के शिक्षा विभाग के सचिव को जो प्रमाण भेजा है, उसमें मंत्री के साथ-साथ क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक भी नंगे होते दिख रहे है। जाहिर है जिला शिक्षा पदाधिकारी भी विभाग के रडार पर आ गए।

बता दें कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थापित एक प्रधान लिपिक सत्येंद्र मिश्र वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थापित है और उन पर आरोप है कि वे शिक्षकों से पैसे लेकर नियम के विरुद्ध उनका ट्रांसफर पोस्टिंग, वरीय की जगह कनीय को विद्यालय का प्रभारी बनाना और फर्जी रूप से बहाल शिक्षकों से अवैध वसूली करते हैं।

इनके इस कार्य में 15 वर्षों से क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर में पदस्थापित उनके चचेरे भाई विनय कुमार मिश्र उर्फ गुड्डू मिश्र जो वहां प्रधान लिपिक के पद पर कार्यरत है का पूरा सहयोग इनको मिलता रहा है।

हद तो ये है कि इनके विरुद्ध जिस अधिकारी ने भी आवाज उठायी उनके विरुद्ध क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के सहयोग से झूठा मुकदमा करके उनको खामोश करने का प्रयास किया जाता रहा है। इनके शिकार रूपेंद्र कुमार सिंह, तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना पूर्वी चंपारण एवं प्रफुल्ल कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना आदि भी हो चुके है।

सत्येंद्र मिश्र ने अपने पुत्र के माध्यम से माननीय मंत्री गन्ना उद्योग एवं विधि विभाग, बिहार सरकार, बिहार पटना के माध्यम से आवेदन क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर को दिलाया गया और श्री मिश्रा की स्थानांतरण रुकता रहा।

 उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर के कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक विनय कुमार मिश्र उर्फ गुड्डू मिश्र जो सत्येंद्र मिश्र के छोटे चचेरे भाई हैं तथा श्री मिश्र के हर गलत गतिविधियों के संरक्षण देते रहे है, के द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर को प्रभावित कर उनके पत्रांक 691 दिनांक 29/04/2022 द्वारा सत्येंद्र मिश्र को पूर्व में आवंटित (स्थापना संभाग) में बने रहने का निर्देश दिया गया।

इतना ही नहीं मिश्रा ब्रोदर्स द्वारा शिक्षा उप निदेशक को प्रभाव में लेकर वर्ष 2021 के मार्च के महीने में ही विभागीय नियमों के विरुद्ध जाकर स्थानांतरण का पत्र निकाल दिया और जम कर उगाही की गयी। फजीहत को देखते हुये क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने दूसरी पत्र निकाल कर पुराने आदेश को निरस्त किया।

यही नहीं वर्ष 2019 में आरडीडीई मुजफ्फरपुर द्वारा मंगल सेमिनरी उच्च माध्यमिक विद्यालय मोतिहारी में एक पद के रिक्ति के विरुद्ध स्वहित में 2-2 शिक्षकों को स्थानांतरित कर पदस्थापित कर दिया गया, जिसके कारण विद्यालय के सुगमता पूर्वक संचालन कराने में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इसके साथ ही निदेशालय की सुनवाई में भाग लेने तथा माननीय उच्च न्यायालय में मुकदमा में पक्ष रखने के लिए जाना पड़ा।

जिला शिक्षा पदाधिकारी के पत्र में आरोप लगाया गया कि आरडीडीई मुजफ्फरपुर के स्तर पर कई तरह के अनावश्यक पत्राचार कर कार्यालय को परेशान किया जाता रहा।

बताया गया कि उच्च माध्यमिक विद्यालय बरहरवा लखनसेन, ढाका, एवं मध्य विद्यालय सेमरा बंजरिया में कार्यरत शिक्षिका क्रमशः मुन्नी कुमारी एवं बिंदु कुमारी के आवेदन पर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर के पत्रांक 574 दिनांक 04/06/2021 द्वारा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, ढाका के आदेश को स्थगित करते हुए कनीय शिक्षक को प्रभारी प्रधानाध्यापक बने रहने का निर्देश दिया गया।

सत्येंद्र कुमार ठाकुर, प्रभारी प्रधानाध्यापक राजकीय मध्य विद्यालय सागर मठिया, प्रखंड चकिया द्वारा आठवीं की उत्तीर्णता का प्रमाण पत्र निर्गत करने के क्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा गलत जन्मतिथि अंकित करने के प्रमाणित साक्ष्य के आरोप में अधोहस्ताक्षरी कार्यालय के ज्ञापांक 922 दिनांक 13/04/2022 द्वारा श्री ठाकुर को निलंबित करने एवं अन्य अनुवर्ती अनुशासन कार्यवाही करने हेतु की गई अनुशंसा को आरडीडीई मुजफ्फरपुर ने अपने पत्रांक 673 दिनांक 29/04/2022 द्वारा सत्येंद्र कुमार ठाकुर के मामले में कार्यवाही नहीं करने का निर्देश देते हुए उन्हें प्रभारी प्रधानाध्यापक बने रहने का निर्देश दिया।

यही नहीं नीलम कुमारी पंचायत शिक्षिका नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रामबन मल्लाह टोला, पकड़ीदयाल के मामले में भी आरडीडीई मुजफ्फरपुर के कार्यालय से दबाव बनाया जा रहा है कि अप्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन भुगतान कर दिया जाए।

आरोप है ऐसे नियम विरुद्ध आदेश क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक के माध्यम से जारी करवा कर संबंधित लोगों से जमकर उगाही की गयी।

 

 

 

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