सोती युवती पर एसिड अटैक से दहला पूर्वी चंपारण, समाज और कानून पर खड़े हुए गंभीर सवाल

सोती युवती पर एसिड अटैक से दहला पूर्वी चंपारण, समाज और कानून पर खड़े हुए गंभीर सवाल

Reported By SAGAR SURAJ
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सागर सूरज

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के पताही थाना क्षेत्र में घटी एक अमानवीय और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। बीती रात सो रही एक युवती के चेहरे पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा एसिड फेंक दिया गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। यह जिला में इस तरह की पहली घटना बताई जा रही है, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक मानसिकता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

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घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। गंभीर रूप से घायल युवती को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार युवती के चेहरे और शरीर के कुछ हिस्सों पर गहरे जख्म हैं और उसे मानसिक आघात भी पहुंचा है। पीड़िता की हालत को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

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मामले की जांच में सामने आया है कि यह घटना प्रेम प्रसंग से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार युवती के चचेरे चाचा के मामा का लड़का प्रियांशु कुमार इस घटना का आरोपी है। घटना के बाद से आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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इस मामले को लेकर पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात भी गंभीर नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसिड अटैक जैसी घटनाएं समाज की विकृत मानसिकता को दर्शाती हैं और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पीड़िता को न्याय दिलाने में कोई कमी न रहे।
यह घटना मानवीय संवेदना को झकझोरने वाली है। सवाल उठता है कि आखिर ऐसी घटनाओं के लिए कौन सी मानसिकता जिम्मेदार है? प्रेम में असफलता या अस्वीकार को हिंसा का रूप देना किस तरह की सोच को दर्शाता है? समाज के बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में विशेष और सख्त कानून की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने से पहले सौ बार सोचे।


सरकार से मांग की जा रही है कि एसिड अटैक जैसे अपराधों के खिलाफ न केवल कानून को और कठोर बनाया जाए, बल्कि समाज में जागरूकता और मानसिकता बदलने के लिए ठोस पहल भी की जाए, ताकि किसी बेटी को इस तरह की दरिंदगी का शिकार न होना पड़े।

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