घोड़ासहन में पकड़ी पिकअप पर विवाद — पुलिस बोली, वैध बिल पर हो रहा था व्यवसाय

घोड़ासहन में पकड़ी पिकअप पर विवाद — पुलिस बोली, वैध बिल पर हो रहा था व्यवसाय",

स्थानीय दबंगो ने रोककर दबाब बनाने की कोशिश की "

Reported By SAGAR SURAJ
Updated By SAGAR SURAJ
On

IMG-20260110-WA0022

 

सागर सूरज

एक सप्ताह में ‘प्रेस क्लब मोतिहारी’ को सौंपा जाएगा पत्रकार भवन- जिलाधिकारी  Read More एक सप्ताह में ‘प्रेस क्लब मोतिहारी’ को सौंपा जाएगा पत्रकार भवन- जिलाधिकारी

मोतिहारी l भारत-नेपाल सीमा से सटे घोड़ासहन थाना क्षेत्र में चाइनीज लहसुन से लदी एक पिकअप पर मचा बवाल अब नए मोड़ पर है।

कोटवा थाना क्षेत्र में अपहरण कांड का खुलासा, 2 घंटे में 3 अपहृत बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार Read More कोटवा थाना क्षेत्र में अपहरण कांड का खुलासा, 2 घंटे में 3 अपहृत बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार

 पुलिस पर लगाए गए आरोपों पर सीकरहना अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी उदय शंकर ने सफाई दी है।

एसिड अटैक मामले में बड़ी कार्रवाई, आरोपी प्रियांशु कुमार गिरफ्तार Read More एसिड अटैक मामले में बड़ी कार्रवाई, आरोपी प्रियांशु कुमार गिरफ्तार

डीएसपी उदय शंकर के अनुसार, पिकअप वाहन वैध जीएसटी बिल और व्यवसायिक दस्तावेज के साथ चल रहा था। जांच में यह पाया गया कि वाहन में लहसुन व्यवसाय के लिए लाई जा रही थी, न कि तस्करी कर । 

IMG-20260109-WA0112
कुछ स्थानीय तत्वों ने वाहन को बीच रास्ते में रोककर पुलिस और मीडिया को फोन किया, जिससे मामला अनावश्यक रूप से सनसनीखेज़ बन गया।

डीएसपी ने कहा — “पुलिस ने मौके पर ही बिल की जांच कर वाहन को छोड़ दिया था। लेन-देन या रिश्वत की बातें बिल्कुल निराधार हैं। पुलिस ने नियमों के मुताबिक कार्यवाही की है। 

ऐसे मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने से रंगदारी प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है।

IMG-20260109-WA0113

” ग्रामीणों के अनुसार, कुछ स्थानीय लोग व्यावसायिक गतिविधियों में रंगदारी की नीयत से व्यवधान डाल रहे हैं, जिससे व्यापारी वर्ग में भय का माहौल बनता है।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक पुलिस द्वारा प्रस्तुत जीएसटी बिल की वैधता पर विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। 

उपलब्ध बिल गौरी गणेश ट्रेडर्स, घोड़ासहन ने काटा है, जबकि चालान सूरज सुपर मार्किट, खरसलवा, कवईया को काटा गया है — जो नेपाल सीमा से सटा हुआ गांव मे अवस्थीत है।

व्यापार जानकारों का कहना है कि यदि लहसुन वास्तव में चीनी मूल का है, तो कारोबारी के पास चीन या नेपाल से आयात का फाइटोसैनिटरी सर्टिफिकेट और भन्सार दस्तावेज़ होना चाहिए। सिर्फ स्थानीय जीएसटी बिल के आधार पर वस्तु छोड़ना जाँचनीय पहलू है।

जानकारों का यह भी कहना है कि यह वही पुराना मॉडस ऑपरेण्डी है — जहां तस्कर रात के अंधेरे में नेपाल मार्ग से चीनी लहसुन भारत लाते हैं, और पकड़े जाने पर स्थानीय फर्मों के बिल दिखाकर वैध व्यापार का रूप दे देते हैं।

पुलिस की दलील है कि जब तक किसी प्रोडक्ट का बिल और टैक्स दस्तावेज़ वैध दिखते हैं, तब तक कार्रवाई करना कानूनी रूप से कठिन होता है। 

इस वजह से पुलिस कई बार सीमित अधिकार के चलते ऐसी ट्रकों को छोड़ने को बाध्य होती है।

बावजूद इसके, वर्तमान प्रकरण में सवाल यह उठता है कि क्या उपलब्ध दस्तावेज़ों की गहन जांच की गई थी या नहीं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि सच्चाई स्पष्ट करने के लिए भन्सार विभाग, एसएसबी और कृषि विभाग की संयुक्त जांच आवश्यक है। 

तभी यह साबित होगा कि यह वैध व्यापार था या सीमा पार तस्करी का नया तरीका। वैसे बीएनम भी अपने स्तर से मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने क़ा प्रयास कर रही है।

Related Posts

Post Comment

Comments

राशिफल

Live Cricket

Recent News

From Champaran to Holyrood: Dhruva Kumar’s Journey Echoes Gandhi’s Legacy From Champaran to Holyrood: Dhruva Kumar’s Journey Echoes Gandhi’s Legacy
Sagar Suraj  MOTIHARI: In a story that bridges continents and generations, India-born Scottish politician Prof. Dhruva Kumar is poised to...
10.90 किलो चरस मामले में आरोपी को पटना हाईकोर्ट से जमानत
सुगौली फूलवरिया टोल प्लाजा पर बवाल, डंडों के साथ धमकाने का वीडियो वायरल
कोटवा थाना क्षेत्र में अपहरण कांड का खुलासा, 2 घंटे में 3 अपहृत बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार
एक सप्ताह में ‘प्रेस क्लब मोतिहारी’ को सौंपा जाएगा पत्रकार भवन- जिलाधिकारी
एसिड अटैक मामले में बड़ी कार्रवाई, आरोपी प्रियांशु कुमार गिरफ्तार
सोती युवती पर एसिड अटैक से दहला पूर्वी चंपारण, समाज और कानून पर खड़े हुए गंभीर सवाल

Epaper

YouTube Channel

मौसम