मोतिहारी में भूमि सर्वे में रिश्वतखोरी: कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार

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Reported By SAGAR SURAJ
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निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (VVB), पटना ने राजस्व कर्मचारी सोनू कुमार को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
 यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 05/26 (9 जनवरी 2026) के तहत भेलवा पंचायत मुखिया मदन साह के निजी कार्यालय में हुई।

 

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बीएनम न्यूज़ डेस्क/ विक्की विजेंद्र

मोतिहारी | बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के छौड़ादानो अंचल में भूमि सर्वे के दौरान भ्रष्टाचार का नंगा खेल सामने आया।

 निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (VVB), पटना ने राजस्व कर्मचारी सोनू कुमार को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
 यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 05/26 (9 जनवरी 2026) के तहत भेलवा पंचायत मुखिया मदन साह के निजी कार्यालय में हुई।

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शिकायत से ट्रैप तक की कार्रवाई परिवादी रामबाबू प्रसाद (पिता: शिवनाथ साह, निवासी: धरहरी, थाना छौड़ादानो) ने VVB में शिकायत दर्ज कराई।

 उन्होंने बताया कि सोनू कुमार जमीन परिमार्जन के एवज में रिश्वत मांग रहा था। शिकायत सत्यापित होने पर FIR दर्ज हुई।


निगरानी पुलिस उपाधीक्षक विंध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में गठित टीम ने ट्रैप बिछाया और सोनू को रिश्वत लेते धर दबोचा।

 पूछताछ के बाद उसे विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा।

2026 में पांचवीं FIR, 67 हजार रिश्वत जब्त

VVB के अनुसार, इस साल भ्रष्टाचार के खिलाफ यह पांचवीं कार्रवाई है। चार मामलों में ट्रैप से चार गिरफ्तारियां, कुल 67,000 रुपये बरामद। जनवरी में ही मुजफ्फरपुर के एक कर्मचारी को 15,000, सीतामढ़ी में 10,000 और चंपारण के पटवारी को 8,000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया। ये सभी भूमि सर्वे से जुड़े थे।

ग्रामीण परेशान, व्यवस्था पर सवाल

भूमि सर्वे के बीच लाखों लोग दस्तावेज सुधारने को भटक रहे। पुराने कागजात ठीक करने के नाम पर कर्मी रिश्वत मांग रहे। एक ग्रामीण ने कहा, "सर्वे का ढोंग! अफसर चुप, लूट मची।" सरकार पारदर्शिता का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत उलट। निगरानी की कार्रवाई स्वागत योग्य, पर भ्रष्टाचार की जड़ें काटो। बिना सख्ती के सर्वे विफल हो जायेंगे l

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