गंगा और बूढ़ी गंडक नदी में पानी का उफान थमा

गंगा और बूढ़ी गंडक नदी में पानी का उफान थमा

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खगड़िया। खगड़िया जिले के बाढ़ पीड़ितों की मनुहार का गंगा और बूढ़ी गंडक नदियों पर थोड़ा असर हुआ है। शनिवार को गंगा और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में स्थिरता दिखाई दी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की निगाहें प्रमुख चार नदियों के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। शनिवार की सुबह कोसी […]

खगड़िया। खगड़िया जिले के बाढ़ पीड़ितों की मनुहार का गंगा और बूढ़ी गंडक नदियों पर थोड़ा असर हुआ है। शनिवार को गंगा और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में स्थिरता दिखाई दी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की निगाहें प्रमुख चार नदियों के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। शनिवार की सुबह कोसी और बागमती नदियां शांत नजर आईं वहीं गंगा और बूढ़ी गंडक नदी ने भी लोगों की मनुहार सुनकर रहम खाना शुरू कर दिया है। गंगा और बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर मामूली बढ़त के साथ स्थिर हो गया है। गंगा नदी एक दिन में 0.3 मीटर बढ़कर खतरे के निशान से 0.55 मीटर ऊपर पहुंच गई है, जबकि बूढ़ी गंडक नदी 0.3 मीटर बढ़कर खतरे के निशान से 0.71 मीटर ऊपर स्थिर हो गई है। गंगा नदी का खतरे का निशान 34.7 मीटर है, जबकि बूढ़ी गंडक नदी का खतरे का निशान 36.60 मीटर है। कोसी और बागमती नदियां निरंतर घट रही हैं हालांकि अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.48 मीटर ऊपर दर्ज किया गया जो एक दिन में 0 .07 मीटर कम हुआ है। जबकि बागमती नदी बीते एक दिन में 0.04 मीटर कम हुआ है। वर्तमान में कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.48 मीटर तथा बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.22 मीटर ऊपर बह रही है। कोसी नदी का खतरे का निशान 33.85 मीटर और बागमती नदी का खतरे का जलस्तर 35.63 मीटर है। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले के सभी सात अंचल बाढ़ प्रभावित हैं। जिले की 129 पंचायतों में से 41 पंचायतें बाढ़ प्रभावित हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि जिले के 367 गांव में से 135 गांवों के डेढ़ लाख लोग बाढ प्रभावित भी हैं। जिला प्रशासन 6 सामुदायिक रसोई चला रहा है जहां एक लाख से अधिक लोग भोजन प्राप्त करते हैं । इस बीच सदर अंचल के रहीमपुर स्थित तीन पंचायतों के लोग गंगा नदी की बाढ़ से प्रभावित होने की घोषणा करने की मांग जिला प्रशासन से कर रहे हैं। बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के समय से खगरिया शहरी क्षेत्र के कुछ इलाकों में सीपेज का पानी आ गया था जिसे पंपसेट लगाकर वापस नदी की मुख्यधारा में डाला जा रहा है। कमरिया बस स्टैंड के समीप स्थित वार्ड नंबर 26 के गरीब परिवारों के लोगों ने प्रशासन से आवागमन के लिए नाव और राहत सामग्री देने की मांग की है। वार्ड पार्षद शिवराज यादव ने बताया कि नगर परिषद की ओर से भी प्रभावितों को यथासंभव राहत उपलब्ध कराया जाएगा।

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