हरसिद्धि थाने पर पीड़िता के आरोप निराधार, प्राथमिकी दर्ज, एक गिरफ्तार: थानाध्यक्ष ऋषभ कुमार
प्रभारी आरक्षी उपाधीक्षक प्रशिक्षु ऋषभ कुमार ने बीएनएम से बातचीत में सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "आरोप पूरी तरह निराधार हैं। सादे कागज पर किसी से हस्ताक्षर नहीं लिए गए....
सागर सूरज
मोतिहारी | हरसिद्धि थाना क्षेत्र के रौशन हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. नीरज कुमार पर शादी का झांसा देकर पांच वर्षों तक शारीरिक-मानसिक शोषण और दहेज की मांग का गंभीर आरोप लगा है।
पीड़िता ने हरसिद्धि पुलिस के दरोगा राजेश कुमार और अपर थानाध्यक्ष संतोषी क़ो भी अपने गंभीर आरोपों से कटघरे में खड़ा किया है. संतोषी पर पीड़िता क़ो धमकाने एवं राजेश पर सादे कागज पर हस्ताक्षर कर दर्ज प्राथमिकी में कुछ तथ्यों क़ो छुपा लेने क़ा आरोप लगा है।
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आवेदन पर हरसिद्धि थाने में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। एफआईआर के बाद डॉ. नीरज फरार हो गए हैं और अस्पताल में ताला जड़ दिया गया है।
इस मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली पीड़िता ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व उसकी बहन की सर्जरी रौशन हॉस्पिटल, हरसिद्धि में हुई थी। इसी दौरान डॉ. नीरज कुमार का संपर्क हुआ, जिन्होंने शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए। मूल रूप से दूधही निवासी डॉ. नीरज ने पीड़िता को नेपाल, रामनगर समेत कई जगहों पर रखा। आठ माह पूर्व हॉस्पिटल में ही शादी रचा ली, जिसका वीडियो वायरल है, लेकिन छपवा ले जाकर छोड़ दिया।
जब पीड़िता घर ले जाने की बात की तो डॉ. नीरज, उनके पिता मुख्तार साहनी, भाई अरविंद कुमार, बहन आरती कुमारी और मां ने 10 लाख रुपये नकद व एक वाहन दहेज की मांग की। मांग न मानने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि डॉ. नीरज दूसरी शादी की तैयारी कर रहे हैं।
मामले ने तूल पकड़ लिया है, लेकिन थाने के प्रभारी आरक्षी उपाधीक्षक प्रशिक्षु ऋषभ कुमार ने बीएनएम से बातचीत में सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "आरोप पूरी तरह निराधार हैं। सादे कागज पर किसी से हस्ताक्षर नहीं लिए गए।
प्राथमिकी पारदर्शी तरीके से दर्ज हुई है।" पीड़िता ने अपर थानाध्यक्ष और दरोगा राजेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे कि उन्होंने सादे कागज पर हस्ताक्षर कर स्वयं एफआईआर लिखी और मामले में बार-बार धमकी दी। एसएचओ ऋषभ कुमार ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई अनियमितता नहीं हुई।
पुलिस ने मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है, बाकी की तलाश तेज है। हरसिद्धि थाना पुलिस छापेमारी कर रही है।
डॉ. नीरज का हॉस्पिटल में ताला लगा पड़ा है। एसएचओ ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे डाला जाएगा। पीड़िता को न्याय मिलेगा।
यह मामला हरसिद्धि क्षेत्र में सनसनी फैला रहा है। स्थानीय लोग पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
जांच में नया मोड़ आ सकता है। अपर थानाध्यक्ष संतोषी पर आम लोगों के साथ भी बुरे बर्ताव के आरोप लेगे, लेकिन नये प्रभारी के कार्यक्लाप क़ी प्रशंसा हुईं।
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