
नई दिल्ली। फेसबुक-व्हाट्सअप से भाजपा के गठजोड़ के मुद्दे पर पर कांग्रेस पार्टी अब भी हमलावर है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि पक्षपातपूर्ण और झूठी खबरों को प्रचारित करने में फेसबुक-व्हाट्सअप ने भाजपा की मदद की है, इसका खुलासा अमेरिका के टाइम पत्रिका ने किया है। हालांकि राहुल के निशाने पर इस बार विशेषकर इंस्टेंट मैसेंजर सर्विस ‘व्हाट्सअप’ है।
राहुल ने शनिवार को अमेरिकी टाइम मैग्जीन के हवाले से दावा करते हुए ट्वीट किया कि भाजपा और व्हाट्सअप का ‘नेक्सस’ है। अमेरिका की टाइम पत्रिका ने व्हाट्सअप-भाजपा की सांठगांठ को उजागर किया। 40 करोड़ भारतीय इसका इस्तेमाल करते हैं। व्हाट्सअप पेमेंट्स की भी शुरुआत करना चाहता है, जिसके लिए मोदी सरकार की मंजूरी की जरूरत है। इस तरह भाजपा की व्हाट्सअप पर पकड़ है।’
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी फेसबुक-व्हाट्सअप से भाजपा के गठजोड़ पर कहा कि भारत में फेसबुक-व्हाट्सएप सिर्फ भाजपा सरकार तथा उसकी नफरत की राजनीति का विस्तार है। इसी वजह से बड़े तकनीकी निगमों को लगता है कि वे तानाशाहों और शासकों के साथ व्यक्तिगत निकटता के कारण कानून से ऊपर हैं।
वहीं, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट कर कहा कि फेसबुक को अपने कृत्यों को लेकर स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने भारत के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पक्ष लेने और भाजपा समर्थित नफरत फैलाने वालों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दखल दिया है। ऐसी घृणित गतिविधियों द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के हिंसा विरोधी कानून और दंड संहिता का उल्लंघन किया गया।
उल्लेखनीय है कि जांच से पता चलता है भाजपा के एक राजनेता द्वारा अभद्र भाषा के बारे में फेसबुक जानता था लेकिन इसे एक साल के लिए ऑनलाइन छोड़ दिया। टाइम मैगजीन में छपे एक लेख में बताया गया है कि फेसबुक कैसे हेट स्पीच को पकड़ने में नाकाम रहा है। इसमें भाजपा नेताओं द्वारा कुछ टिप्पणियां शामिल हैं, जिन्होंने हेट स्पीच पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म के प्रोटाकाल का उल्लंघन किया है।
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