
नई दिल्ली। अदन की खाड़ी और हिन्द महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती, तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अपराधों की रोकथाम के लिए बने जिबूती नियम समझौते में भारत एक परिवेक्षक के तौर पर शामिल हुआ है। समुद्री डकैती और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए वर्ष 2009 में यह समझौता हुआ था जिसमें जिबूती, इथोपिया, सोमालिया और मालदीव […]
नई दिल्ली। अदन की खाड़ी और हिन्द महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती, तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अपराधों की रोकथाम के लिए बने जिबूती नियम समझौते में भारत एक परिवेक्षक के तौर पर शामिल हुआ है। समुद्री डकैती और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए वर्ष 2009 में यह समझौता हुआ था जिसमें जिबूती, इथोपिया, सोमालिया और मालदीव आदि देश शामिल हैं। भारत इस समुद्री क्षेत्र में डकैती का मुकाबला करने के लिए सक्रिय रहा है।
जिबूती समझौते से जुड़े देशों की 26 अगस्त को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए उच्च स्तरीय वार्ता हुई जिसमें भारत ने इस मंच से जुड़ने का फैसला किया। भारत के अलावा इस समझौते से पर्यवेक्षक के रूप में जुड़ने वाले देश जापान, अमेरिका, ब्रिटेन और नार्वे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत पर्यवेक्षक के रूप में हिन्द महासागर क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा में समन्वय और सहयोग में योगदान करने का इच्छुक है।
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