सम्मान और सुशासन की नई कसौटी

सम्मान और सुशासन की नई कसौटी

Reported By SAGAR SURAJ
Updated By SAGAR SURAJ
On

 

सागर सूरज

पटना से लेकर मोतिहारी तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार के प्रशासनिक रवैये में बड़े बदलाव का संकेत देती है। पूर्वी चम्पारण में आयोजित समीक्षा बैठक और निरीक्षणों के दौरान मुख्यमंत्री ने जिस तरह “सबका सम्मान–जीवन आसान” को शासन का मूल मंत्र बताया, वह सीधे तौर पर जनता और प्रशासन के रिश्ते को नए सिरे से परिभाषित करता है।

दो मासूमों क़ी गुमसुदगी:  मासूमों की तलाश में थकी आंखें  Read More दो मासूमों क़ी गुमसुदगी:  मासूमों की तलाश में थकी आंखें 

IMG-20260117-WA0113

मोतिहारी में आपसी रंजिश का खूनी खेल: युवक को गोली मारी, पुलिस ने दो मुख्य हमलावर गिरफ्तार किए Read More मोतिहारी में आपसी रंजिश का खूनी खेल: युवक को गोली मारी, पुलिस ने दो मुख्य हमलावर गिरफ्तार किए

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि विकास केवल सड़कों, पुलों और भवनों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आम नागरिक के रोजमर्रा के जीवन को सरल बनाना ही असली विकास है।

भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ी: रक्सौल से श्रीलंकाई नागरिक गिरफ्तार Read More भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ी: रक्सौल से श्रीलंकाई नागरिक गिरफ्तार

 इसी सोच के तहत सात निश्चय–3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ को जमीन पर उतारने की कोशिश तेज की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोग सम्मानपूर्वक अपनी शिकायतें रख सकें और उनका समयबद्ध समाधान हो।

IMG-20260117-WA0111

यह निर्देश प्रशासनिक संस्कृति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। बिहार में अक्सर यह शिकायत रही है कि सरकारी दफ्तरों में आम आदमी को सुनवाई के लिए बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक जनता को सीधे संवाद का मंच मिलेगा। साथ ही, पेयजल, शौचालय और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं पर जोर यह दर्शाता है कि सरकार केवल फाइलों के निपटारे तक सीमित नहीं रहना चाहती।


पूर्वी चम्पारण की समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति भी केंद्र में रही। जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से स्पष्ट है कि सात निश्चय–2 की योजनाओं में गति आई है, जबकि सात निश्चय–3 के तहत नए लक्ष्यों पर काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि स्वीकृत योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। यह संकेत नौकरशाही के लिए सख्त संदेश है कि अब जवाबदेही तय होगी।


समृद्धि यात्रा के दौरान मोतिहारी में महिला आईटीआई का निरीक्षण, टाटा टेक के सहयोग से चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम और छात्राओं से सीधा संवाद यह बताता है कि सरकार रोजगार और कौशल विकास को दीर्घकालिक निवेश मान रही है। इसके साथ ही 34 करोड़ की नई योजनाओं का शिलान्यास और 138 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन यह दर्शाता है कि पूर्वी चम्पारण को विकास के नक्शे पर विशेष महत्व दिया जा रहा है।


जीविका दीदियों और लघु उद्यमियों के स्टॉल का निरीक्षण, 370 करोड़ रुपये की बैंक लिंकेज सहायता और स्वरोजगार पर जोर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं धनौती नदी पर निर्माणाधीन आरसीसी पुल और विराट रामायण मंदिर जैसे प्रोजेक्ट विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान को भी जोड़ते हैं।


कुल मिलाकर, यह दौरा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा। असली परीक्षा अब 19 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली “जन-सुनवाई व्यवस्था” की होगी। यदि यह व्यवस्था ईमानदारी से लागू हुई, तो बिहार में शासन का चेहरा बदल सकता है। सम्मान, संवेदनशीलता और समाधान—यही इस नई प्रशासनिक सोच की असली कसौटी होगी।

Related Posts

Journalists Seek Welfare Measures in Jharkhand

Journalists Seek Welfare Measures in Jharkhand

Post Comment

Comments

राशिफल

Live Cricket

Recent News

Epaper

YouTube Channel

मौसम

NEW DELHI WEATHER