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सागर सूरज

मोतिहारी: पटना के मीठापुर बस स्टैंड के पास से पकड़ा गया अंडर डॉन दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन का करीबी रहा एजाज लकड़ावाला नाम बदलकर नेपाल में उसी तरह नेपाल मे रह रहा था जैसे इंडियन मुजाहिद्दीन के सह संस्थापक यासीन भटकल नेपाल के पोखरा के पास आश्रय ले रखा था। बताया गया कि एजाज भी दो सालों से नेपाल को अपना स्थायी ठिकाना बना लिया था। उसके बारे में यह भी कहा जा रहा है कि एजाज ने बेटी और भाई, भतीजे की गिरफ्तारी के बाद मजबूरी में मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने आत्मसमर्पण किया है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी मीठा पुर से दिखाई जा रही है।  

दाऊद एवं छोटा राजन से अलग होने के बाद एजाज अपना अलग ग्रुप शुरू कर अपना साम्राज्य नेपाल, भारत सहित कई देशों मे फैला रखा था। एजाज के कई नामों से अलग- अलग पासपोर्ट थे, जिसके कारण वह हर बार पुलिस से बच निकलता था।

बताया गया कि एक साल पहले मुंबई पुलिस को सूचना मिली थी कि एजाज नेपाल में छिपा है, लेकिन उसका सही ठिकाना नहीं मालूम हो सका था। भटकल एवं उसके एक साथी की गिरफ्तारी भी बिहार के पूर्वी चंपारण क्षेत्र से दिखाई गयी थी।  सूत्रों की मानें तो पिछले साल मुंबई क्राइम ब्रांच ने एजाज के बड़े भाई अकील और भतीजे समीर को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में अकील ने बताया कि कि एजाज की बेटी सोनिया ने एक बिजनसमैन से शादी की है और वह विदेश भागना चाहती है। अकील ने ही मुंबई क्राइम ब्रांच को बताया था कि एजाज की पत्नी उमा नेपाल में ही रह रही है। उसकी बेटी भी वहां आती-जाती रहती है।

उस जानकारी के बाद से ही मुंबई क्राइम ब्रांच नेपाल में खुफिया विभाग के संपर्क में आ गई, लेकिन एजाज की पहचान और सही ठिकाना मिलना मुश्किल था, क्योंकि पूर्व में भी वह अमेरिका, मलेशिया और कंबोडिया में फर्जी नामों से रह चुका था। उसके बाद मुंबई पुलिस लगातार उसकी बेटी पर नजर रख रही थी।

दिसंबर के आखिरी सप्ताह में जब सोनिया मुंबई से नेपाल जाने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंची तो उसको गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसने ही अपने पिता एजाज के सही ठिकाने से लेकर संपर्क नंबर तक क्राइम ब्रांच को दे दिया। 

नेपाल में एजाज लकड़ावाला ने कपिलवस्तु में खुद का मोटर गैराज खोल लिया था और उसकी आड़ में सोना तस्करी, ड्रग्स, नकली नोट तक का धंधा करता था। इसके अलावा नेपाल से ही मुंबई की फिल्मी हस्तियों से लेकर बड़े कारोबारियों से हफ्ता वसूलता था। उसे वहां के लोग मुबारक खान के नाम से जानते थे और करीबी भाईजान के नाम से पुकराते थे। 

सूत्रों की मानें तो एजाज ने खुद नेपाल शिफ्ट होने से पहले अपनी पत्नी उमा थडानी उर्फ रेखा को छह साल पहले ही पोखरा भेज दिया था, जहां उसका कपड़े का कारोबार चल रहा था। इस बीच एजाज कनाडा में होटल का कारोबार कर रहा था। होटल उसके करीबी चला रहे थे।

इसके अलावा वह दक्षिण अफ्रीका से लेकर कंबोडिया, घाना में भी सक्रिय था। कई बार वह अपनी पत्नी से मिलने नेपाल जाता था। करीब चार साल तक वह अपनी पत्नी से मिलने आता-जाता रहा। भारत से करीब होने और ज्यादा सुरक्षित होने के कारण एजाज दो साल पहले वहां शिफ्ट हो गया। उसकी बेटी सोनिया का पासपोर्ट शिफा शेख़ के नाम से था। उसके पति शाहिब शेख़ है, जो मुंबई के ही एक बड़े व्यवसायी है।

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